कैसे बदली भारत की रेल, वंदे भारत से हाई-स्पीड क्रांति तक
लेखक: आकाश दीप | युगबोध जब 2009 में एक कागज़ पर लिखा सपना — 2026 में 164 ट्रेनें बन गया दिसंबर 2009। रेल भवन, नई दिल्ली। Railway Board की एक बैठक में एक प्रस्ताव रखा गया — "भारत में High Speed Rail की संभावना तलाशी जाए।" उस वक्त भारतीय रेल की सबसे तेज़ ट्रेन 110-130 किमी/घंटे पर दौड़ती थी। बुलेट ट्रेन? वह जापान, चीन और यूरोप में थी। भारत में? केवल कल्पना। आज, जून 2026 में, वह कल्पना हकीकत बन रही है। 164 वंदे भारत ट्रेनें देश के 82 routes पर 274 से अधिक जिलों को जोड़ रही हैं। Mumbai-Ahmedabad Bullet Train का 56% से अधिक निर्माण पूरा हो चुका है। Budget 2026-27 में ₹16 लाख करोड़ के 7 नए High Speed Rail Corridors की घोषणा हुई। और एक ऐसी ट्रेन जो 100% भारत में बनी — ICF Chennai की workshops में — 180 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। यह कहानी केवल रेलगाड़ियों की नहीं — यह उस देश की कहानी है जिसने 160 साल पुरानी Victorian-era railway system को एक दशक में बदलने का संकल्प लिया। भारत में हाई स्पीड रेल का सपना: कब और किसने देखा? भारत में तेज़ रेल की अवधारणा को...