पेपर लीक पर सख्त कानून: संसद का ऐतिहासिक कदम
लेखक: आकाश दीप | युगबोध 29 जुलाई 2026 को लोकसभा ने एक बड़ा और बहुप्रतीक्षित विधेयक पास किया Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026, जिसे आम भाषा में "पेपर लीक रोधी विधेयक" कहा जा रहा है। यह विधेयक भारत के पहले केंद्रीय पेपर-लीक विरोधी कानून Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 को और सख्त बनाने के लिए लाया गया है, और यह उस समय पास हुआ जब देश भर में NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा चरम पर था। यह लेख इस विधेयक की पूरी पृष्ठभूमि, इसके नए प्रावधानों, संसद में हुई बहस, विपक्ष की आपत्तियों और आगे की राह — सब कुछ विस्तार से बताता है। पृष्ठभूमि: NEET 2026 पेपर लीक और महीनों तक चला आंदोलन इस विधेयक की जड़ में है मई 2026 में हुआ NEET-UG (National Eligibility cum Entrance Test Undergraduate) 2026 का विवाद। 3 मई 2026 को हुई यह परीक्षा जिसमें 2.27 करोड़ से ज़्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे 12 मई 2026 को रद्द कर दी गई, जब जांच में पाया गया कि पहले से प्रसारित एक "गेस पेपर" और असली प्रश्नपत्र के बीच काफी हद ...