तमिलनाडु चुनाव 2026: क्या 'कमल-दो पत्ती' की जोड़ी तोड़ेगी स्टालिन का किला?
लेखक: आकाश दीप | युगबोध 27 अप्रैल 2026 — चेन्नई में वह शाम जब तमिलनाडु की राजनीति का नया अध्याय लिखा जा रहा था 27 अप्रैल 2026। शाम के 6 बजे। चेन्नई के T. Nagar में एक चाय की दुकान पर तीन लोग बैठे हैं। एक DMK कार्यकर्ता — 52 साल, करुणानिधि के समय से party में। एक AIADMK का पुराना voter — 45 साल, जयललिता को याद करता है। और एक 23 साल का युवक — थलपति विजय की TVK का fan। तीनों एक ही सवाल पर अटके हैं — 4 मई को क्या होगा? मतदान खत्म हो चुका है। EVM में तमिलनाडु की 234 सीटों का फैसला बंद है। और इन्हीं strong rooms के बाहर — एक ऐसा राज्य खड़ा है जिसकी राजनीति 2026 में पूरी तरह बदल गई है। जयललिता और करुणानिधि — दोनों चले गए। उनके साथ गई वह युग की राजनीति जो व्यक्तित्व पर टिकी थी। अब मैदान में हैं — स्टालिन जो विरासत को ढो रहे हैं, अन्नामलाई जो बदलाव का दावा करते हैं, और विजय जो फिल्म से राजनीति में आए हैं। तीन अलग चेहरे। तीन अलग सपने। और एक ही सवाल — तमिलनाडु किसका? पहले समझें — तमिलनाडु की राजनीति का 60 साल का ढाँचा तमिलनाडु में 1967 से कांग्रेस कभी सत्ता में नहीं आई। यहाँ सत्त...