UPA (2004-2014) बनाम NDA (2014-2026) — 22 साल का हिसाब-किताब: बुनियादी ढाँचे से भ्रष्टाचार तक, हर क्षेत्र का निष्पक्ष विश्लेषण
लेखक: आकाश दीप | युगबोध
यह लेख किसी पार्टी का समर्थन या विरोध नहीं करता। यह केवल आँकड़ों और तथ्यों पर आधारित तुलना है। सच्चाई दोनों पक्षों में है — इसीलिए यहाँ दोनों के साथ न्याय करने की कोशिश की गई है।
विषय सूची (Table of Contents)
1. बुनियादी ढाँचा — सड़कें, रेलवे, हवाई अड्डे
2. बिजली और ऊर्जा
3. शिक्षा — IIT, IIM, AIIMS और विश्वविद्यालय
4. स्वास्थ्य — अस्पताल, आयुष्मान भारत, आयुर्विज्ञान संस्थान
5. अर्थव्यवस्था — GDP, विकास दर, प्रति व्यक्ति आय
6. महँगाई — कब कितनी रही?
7. बेरोजगारी — असली तस्वीर
8. स्टार्टअप और यूनिकॉर्न
9. व्यापार सुगमता — Ease of Doing Business
10. भ्रष्टाचार — UPA के घोटाले, NDA पर सवाल
11. विदेश नीति — दुनिया में भारत की छवि
12. कोविड संकट और Operation Sindoor — संकटों में नेतृत्व
13. निष्कर्ष
1. बुनियादी ढाँचा — सड़कें, रेलवे, हवाई अड्डे
राष्ट्रीय राजमार्ग
भारत में सड़क निर्माण की गति के आँकड़े सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं। PIB के सरकारी आँकड़ों के अनुसार:
| पैमाना | UPA (2004-2014) | NDA (2014-2024) |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क | 65,569 km से 91,287 km | 91,287 km से 1,46,145 km |
| राजमार्ग निर्माण की गति | 12.1 km/दिन (2014-15 आधार) | 33.8 km/दिन (2023-24) |
| पूँजीगत व्यय | ₹53,000 करोड़ (2013-14) | ₹3.01 लाख करोड़ (2023-24) |
| 4 लेन से अधिक राजमार्ग | 18,371 km (2014) | 48,422 km (2024) |
| BRO बजट | ₹3,782 करोड़ (2013-14) | ₹14,387 करोड़ (2023-24) |
| सीमा सड़कें (8 वर्ष में) | 3,610 km (2008-14) | 6,806 km (2014-22) |
एक महत्वपूर्ण बात — The Print की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का बुनियादी पत्थर 2006 में रखा गया, लेकिन कार्य 2015 में शुरू हुआ। ऐसे कई बड़े प्रोजेक्ट UPA काल में घोषित हुए और NDA काल में पूरे हुए — यह श्रेय का प्रश्न जटिल बना देता है।
रेलवे
| पैमाना | UPA (2004-2014) | NDA (2014-2024) |
|---|---|---|
| रेलपथ निर्माण | 14,985 RKM (10 वर्ष) | 25,871 RKM (9 वर्ष) |
| विद्युतीकरण की गति | 1.4 RKM/दिन | 11.4 RKM/दिन (10 गुना) |
| रेलवे पूँजीगत व्यय | ₹30,000 करोड़ (2013-14) | ₹2.43 लाख करोड़ (2023-24) |
| रेलपथ बिछाने की गति | 4 km/दिन (2014) | 14+ km/दिन (2024) |
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा — UPA काल में रेलवे बोर्ड पुलों के पुनर्निर्माण की स्वीकृति में औसतन 43 महीने लगाता था और काम औसतन 41 महीने की देरी से पूरा होता था।
हवाई अड्डे
| पैमाना | 2004 | 2014 | 2024 |
|---|---|---|---|
| कार्यशील हवाई अड्डे | ~74 | 74 | 157 |
10 साल UPA में शून्य नए हवाई अड्डे, 10 साल NDA में 83 नए। लेकिन यह भी सच है कि UPA काल में GMR और GVK जैसी कंपनियों ने दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण किया जो आज भी देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे हैं।
2. बिजली और ऊर्जा
2014 में भारत के 18,000 से अधिक गाँव बिना बिजली के थे। UPA काल में Rajiv Gandhi Grameen Vidyutikaran Yojana (RGGVY) शुरू हुई थी — यह एक महत्वपूर्ण कदम था। लेकिन कार्यान्वयन धीमा रहा।
NDA के तहत:
| पैमाना | 2014 (UPA अंत) | 2018-2024 (NDA) |
|---|---|---|
| बिना बिजली वाले गाँव | 18,000+ | अप्रैल 2018 तक शून्य (100% ग्राम विद्युतीकरण) |
| Saubhagya में घरों को बिजली | — | 2.86 करोड़ घर (2017-2022) |
| कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता | ~250 GW | 920 GW+ (2024) |
| नवीकरणीय ऊर्जा हिस्सेदारी | ~12% | 43%+ (2024) |
IEA ने 2018 में कहा — "भारत का ग्राम विद्युतीकरण दुनिया की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में से एक है।"
हालाँकि यह भी सच है कि विद्युतीकरण का अर्थ हमेशा 24 घंटे बिजली नहीं था। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बिजली कटौती एक बड़ी समस्या है।
3. शिक्षा — IIT, IIM, AIIMS और विश्वविद्यालय
| संस्थान | 2004 तक | 2004-2014 (UPA में) | 2014-2024 (NDA में) |
|---|---|---|---|
| IIT | 7 | 9 नए (कुल 16) | 7 नए (कुल 23) |
| IIM | 6 | 7 नए (कुल 13) | 7 नए (कुल 20) |
| AIIMS | 1 | 5 नए (कुल 6) | 16 नए (कुल 22) |
| केंद्रीय विश्वविद्यालय | ~18 | 16 नए | — |
UPA ने 2008 में "Education for All" के तहत शिक्षा का अधिकार (RTE) दिया — यह एक ऐतिहासिक कानून था। NDA ने संस्थाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। दोनों दौर में उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ।
हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि संख्या बढ़ने के साथ गुणवत्ता की समस्या भी बढ़ी — कई नए IIT और IIM अभी तक पूर्ण क्षमता से नहीं चल पाए।
4. स्वास्थ्य — अस्पताल, आयुष्मान भारत, चिकित्सा संस्थान
स्वास्थ्य के क्षेत्र में दोनों सरकारों का योगदान अलग-अलग रहा।
| पैमाना | UPA (2004-2014) | NDA (2014-2026) |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन | 2005 में शुरू — ग्रामीण स्वास्थ्य का आधार | विस्तार — शहरी भी जोड़ा |
| AIIMS नए | 5 नए | 16 नए |
| आयुष्मान भारत | नहीं था | 2018 में शुरू — 10 करोड़ परिवार, ₹5 लाख तक बीमा |
| आयुष्मान लाभार्थी (2024 तक) | — | 7.37 करोड़ मुफ्त इलाज |
| जन औषधि केंद्र | नहीं थे | 10,000+ (2024) |
| मेडिकल कॉलेज | 387 (2014) | 780+ (2024) |
आयुष्मान भारत को वैश्विक स्तर पर दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना माना जाता है। लेकिन इसके क्रियान्वयन पर सवाल भी उठे हैं — कई राज्यों में अस्पताल योजना से बाहर हो गए, कई गरीब परिवार लाभ नहीं उठा पाए।
UPA की सबसे बड़ी उपलब्धि — राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (2005) — ने ग्रामीण स्वास्थ्य की नींव रखी। इसी के तहत ASHA कार्यकर्ताओं की व्यवस्था हुई जो आज भी गाँव-गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं का आधार हैं।
5. अर्थव्यवस्था — GDP, विकास दर, वैश्विक रैंक
| पैमाना | 2004 | 2014 (UPA अंत) | 2024 | 2026 (अनुमान) |
|---|---|---|---|---|
| GDP (अरब डॉलर) | $721 | $2,039 | $3,937 | $4,125+ |
| वैश्विक रैंक | 12वाँ | 10वाँ | 5वाँ | 5वाँ |
| प्रति व्यक्ति आय | ~$660 | ~$1,573 | ~$2,730 | $2,800+ |
| औसत GDP वृद्धि दर | 7.7% (2004-2014 UPA) | 6.5% (2014-2024 NDA) | ||
यहाँ एक महत्वपूर्ण तथ्य है — UPA का औसत GDP वृद्धि दर (7.7%) NDA के दशक (6.5%) से अधिक था। लेकिन इसका बड़ा कारण था 2008 के बाद वैश्विक commodity boom जिसका लाभ भारत को मिला। NDA के दौर में नोटबंदी, GST का व्यापक असर और COVID ने वृद्धि दर प्रभावित की।
दूसरी तरफ NDA के दौर में GDP का पूर्ण आकार $2 ट्रिलियन से $4 ट्रिलियन से ऊपर पहुँचा — यह एक बड़ी उपलब्धि है।
6. महँगाई — कब कितनी रही?
| वर्ष | CPI महँगाई दर | सरकार |
|---|---|---|
| 2009-10 | 12.4% | UPA-II |
| 2010-11 | 10.5% | UPA-II |
| 2011-12 | 8.4% | UPA-II |
| 2012-13 | 10.2% | UPA-II |
| 2013-14 | 9.5% | UPA-II |
| 2015-16 | 4.9% | NDA |
| 2018-19 | 3.4% | NDA |
| 2021-22 | 5.5% | NDA |
| 2022-23 | 6.7% | NDA |
| अप्रैल 2026 | 4-5% | NDA |
महँगाई के मोर्चे पर UPA-II का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा। 2009 से 2014 के बीच लगातार 5 वर्षों में महँगाई 8 प्रतिशत से ऊपर रही। यह आम जनता के लिए सबसे बड़ी पीड़ा थी।
NDA के दौर में महँगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही — हालाँकि 2022-23 में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण 6.7% तक पहुँची और 2026 में पेट्रोल-डीजल महँगा होने से WPI 8.3% हो गया।
7. बेरोजगारी — असली तस्वीर
बेरोजगारी के आँकड़े सबसे विवादास्पद हैं।
| वर्ष | बेरोजगारी दर | सरकार |
|---|---|---|
| 2011-12 | 3.8% (NSSO) | UPA-II |
| 2017-18 | 6.1% (PLFS) | NDA |
| 2018-19 | 5.8% | NDA |
| 2022-23 | 3.2% | NDA |
| जनवरी 2026 | 7.5% (CMIE) | NDA |
यह मुद्दा जटिल है। UPA के दौर में मनरेगा जैसी योजनाओं ने ग्रामीण रोजगार दिया लेकिन औद्योगिक रोजगार सीमित रहा। NDA के दौर में PLI, Make in India से कुछ क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा लेकिन नोटबंदी और GST से छोटे उद्योग प्रभावित हुए।
CMIE के जनवरी 2026 के आँकड़ों के अनुसार श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) दिसंबर 2025 के 56.1% से घटकर जनवरी 2026 में 55.9% हो गई — यह चिंताजनक है।
सच यह है कि दोनों सरकारों में "पर्याप्त और अच्छे रोजगार" की समस्या अनसुलझी रही।
8. स्टार्टअप और यूनिकॉर्न
यह शायद वह क्षेत्र है जहाँ NDA का रिकॉर्ड सबसे स्पष्ट रूप से बेहतर है।
| पैमाना | 1947-2014 (67 वर्ष) | 2014-2024 (10 वर्ष) | मई 2026 तक |
|---|---|---|---|
| पंजीकृत स्टार्टअप | 350 | 1,25,000+ | 1,40,000+ |
| यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर+ कंपनियाँ) | 0 (2014 से पहले 1 था — InMobi 2011) | 100+ (2024) | 131 |
| वैश्विक स्टार्टअप रैंक | — | 3rd largest ecosystem | 3rd |
Tracxn के मई 2026 के आँकड़ों के अनुसार भारत में अभी 131 यूनिकॉर्न हैं। इनमें Ather Energy, Moneyview, KreditBee जैसी कंपनियाँ हाल के वर्षों में जुड़ी हैं।
Startup India पहल (2016), Fund of Funds, SIDBI का सहयोग, GST में Startup exemptions — इन नीतियों ने उद्यमिता को बढ़ावा दिया। लेकिन यह भी सच है कि 2021-23 में एक "Startup Winter" आया जब funding तेजी से घटी।
9. व्यापार सुगमता — Ease of Doing Business
| वर्ष | विश्व बैंक रैंक | सरकार |
|---|---|---|
| 2014 | 142वाँ (190 देशों में) | UPA अंत/NDA शुरुआत |
| 2017 | 100वाँ | NDA |
| 2018 | 77वाँ | NDA |
| 2019 | 63वाँ | NDA |
2014 में 142वें स्थान से 2019 में 63वें — यह एक बड़ी छलाँग थी। हालाँकि कुछ विशेषज्ञों ने इस रैंकिंग की पद्धति पर सवाल उठाए। विश्व बैंक ने 2021 में यह सूचकांक बंद कर दिया — कुछ देशों द्वारा संख्याओं में हेरफेर के आरोपों के बाद।
GST (2017), IBC (दिवाला कानून, 2016), RERA (रियल एस्टेट नियमन, 2016) — ये NDA काल के ऐसे सुधार थे जिन्होंने व्यापार करना आसान बनाया। लेकिन छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए GST अनुपालन बोझिल रहा।
10. भ्रष्टाचार — UPA के घोटाले, NDA पर सवाल
यह सबसे संवेदनशील विषय है। यहाँ केवल दस्तावेजी तथ्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
UPA के प्रमुख घोटाले
| घोटाला | CAG/सरकारी अनुमानित नुकसान | मुख्य आरोपी |
|---|---|---|
| 2G स्पेक्ट्रम घोटाला (2008) | ₹1,76,000 करोड़ (CAG) | A. Raja (दूरसंचार मंत्री) |
| कोयला खदान घोटाला — कोलगेट (2012) | ₹1,86,000 करोड़ (CAG) | मनमोहन सिंह सरकार |
| राष्ट्रमंडल खेल घोटाला (2010) | ₹70,000 करोड़ (अनुमान) | सुरेश कलमाडी |
| आदर्श हाउसिंग सोसायटी | ₹163 करोड़ | महाराष्ट्र के कई नेता |
| महाराष्ट्र सिंचाई घोटाला | ₹35,000 करोड़ | राज्य सरकार |
| Antrix-Devas/ISRO | ₹2,00,000 करोड़ (CAG) | — |
Transparency International के Corruption Perception Index में भारत 2013 में 94वें स्थान पर था।
एक महत्वपूर्ण तथ्य: 2G घोटाले में विशेष CBI न्यायाधीश ने 2017 में A. Raja और कनिमोझी को बरी कर दिया — यह कहते हुए कि "सबूतों के अभाव में एक बड़ा घोटाला देखा गया जहाँ था ही नहीं।" यानी CAG के आँकड़े और न्यायालय का निर्णय अलग-अलग थे। यह जटिल सच्चाई है।
लेकिन घोटालों ने UPA सरकार की छवि को इतना नुकसान पहुँचाया कि 2014 में कांग्रेस केवल 44 सीटों पर सिमट गई।
NDA काल में भ्रष्टाचार के सवाल
NDA का दावा है कि वह "न खाऊँगा, न खाने दूँगा" की नीति पर चला।
| विवाद/आरोप | सरकार का जवाब |
|---|---|
| Rafale सौदे पर विपक्ष के सवाल | Supreme Court ने 2018 में कोई अनियमितता नहीं पाई |
| चुनावी बॉन्ड विवाद | Supreme Court ने 2024 में असंवैधानिक करार दिया |
| Electoral Bonds — ₹6,500 करोड़+ BJP को | पार्टी का कहना — पारदर्शी, बैंक के जरिए |
| Transparency International — 2025 रैंक | 91वाँ (2013 में 94वाँ — थोड़ा सुधार) |
चुनावी बॉन्ड का मामला NDA के दौर का सबसे बड़ा पारदर्शिता विवाद है। Supreme Court ने फरवरी 2024 में इसे असंवैधानिक करार दिया। आँकड़ों के अनुसार BJP को इस माध्यम से ₹6,500 करोड़ से अधिक मिले — जो सभी पार्टियों में सबसे अधिक था।
हालाँकि NDA के दौर में UPA जैसे बड़े सरकारी आवंटन घोटाले सामने नहीं आए — यह भी एक तथ्य है।
11. विदेश नीति — दुनिया में भारत की छवि
UPA (2004-2014) की विदेश नीति की उपलब्धियाँ
UPA काल में भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता (2008) भारत की विदेश नीति की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। इसने भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) की मान्यता दिलाई। "Look East Policy" के तहत ASEAN देशों से संबंध मजबूत हुए। BRICS और IBSA में भागीदारी बढ़ी।
लेकिन मनमोहन सिंह की विदेश नीति को "श्रेय उठाने में असमर्थ" भी कहा गया। मुंबई 26/11 हमले (2008) के बाद भारत की प्रतिक्रिया सीमित रही — जो कई लोगों को कमजोरी लगी।
NDA (2014-2026) की विदेश नीति की उपलब्धियाँ
| उपलब्धि | विवरण |
|---|---|
| G20 की अध्यक्षता (2023) | अफ्रीकी संघ को G20 में शामिल कराया — Global South का नेतृत्व |
| Quad में सक्रिय भूमिका | भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया — इंडो-पैसिफिक सुरक्षा |
| BRICS+ विस्तार | 6 नए देश जोड़े — भारत की भूमिका |
| Operation Sindoor (2025) | पाकिस्तान के अंदर deep strike — 1971 के बाद पहली बार tri-service operation |
| Vaccine Maitri (2021) | 75+ देशों को COVID टीके — दुनिया में साख बढ़ी |
| UAE, Saudi, US संबंध | Energy security agreements, $5 billion UAE निवेश (2026) |
| Modi की विदेश यात्राएँ | 9 वर्षों में 121 यात्राएँ, 65 देश (Manmohan Singh — 10 वर्ष में 73 यात्राएँ) |
Carnegie Endowment ने मार्च 2026 में कहा — "Modi ने India की foreign policy को एक brand की तरह present किया — जिसमें उनकी personal leadership को India की global rise से जोड़ा गया।" यह एक शक्ति भी है और एक जोखिम भी।
ORF (Observer Research Foundation) के अनुसार Modi का "India First" दृष्टिकोण — Russia-Ukraine युद्ध में तेल खरीदना जारी रखना, Operation Sindoor में Pakistan को जवाब देना — दोनों ने India की strategic autonomy को प्रदर्शित किया।
12. संकटों में नेतृत्व — COVID और Operation Sindoor
COVID-19 (2020-2022)
| पहलू | सरकार का प्रदर्शन |
|---|---|
| Vaccine Maitri | 75+ देशों को टीके — अंतरराष्ट्रीय साख बढ़ी |
| टीकाकरण अभियान | 200 करोड़+ टीके — दुनिया का सबसे बड़ा |
| आर्थिक पैकेज | ₹20 लाख करोड़ का आत्मनिर्भर भारत पैकेज |
| PM-CARES Fund | विवादास्पद — RTI के दायरे से बाहर रखा गया |
| April-May 2021 की दूसरी लहर | ऑक्सीजन संकट, अस्पतालों में बिस्तर नहीं — प्रबंधन पर सवाल |
| प्रवासी मजदूर संकट | लॉकडाउन में लाखों का पलायन — मानवीय त्रासदी |
COVID में भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Vaccine Maitri एक बड़ी उपलब्धि थी। लेकिन दूसरी लहर की तैयारी और ऑक्सीजन संकट बड़ी चूक थी।
Operation Sindoor (7 मई 2025)
22 अप्रैल 2025 को Pahalgam हमले के बाद 7 मई को भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए — केवल 22 मिनट में। SIPRI के अनुसार यह 1971 के बाद पहली बार था जब भारत की तीनों सेनाओं ने एक साथ पाकिस्तान के अंदर coordinated strike की। Pakistan ने 9 मई को ceasefire माँगी।
UPA के दौर में 26/11 मुंबई हमले (2008) के बाद भारत ने केवल diplomatic protest किया था — जो उस समय की weakness मानी गई। 2025 में NDA ने एक अलग precedent स्थापित किया।
13. एक समग्र तुलना — रिपोर्ट कार्ड
| क्षेत्र | UPA (2004-2014) | NDA (2014-2026) |
|---|---|---|
| GDP वृद्धि दर | ✅ 7.7% औसत — बेहतर | ⚠️ 6.5% औसत — COVID का असर |
| महँगाई | ❌ 8-12% — बेहद खराब | ✅ 3-5% — नियंत्रित |
| बुनियादी ढाँचा | ⚠️ शुरुआत की — गति धीमी | ✅ गति 3 गुना बढ़ी |
| बिजली | ⚠️ RGGVY शुरू की | ✅ 100% ग्राम विद्युतीकरण |
| भ्रष्टाचार | ❌ 2G, Coalgate — ऐतिहासिक घोटाले | ⚠️ Electoral Bonds विवाद |
| विदेश नीति | ✅ Nuclear Deal — ऐतिहासिक | ✅ G20, Operation Sindoor, Quad |
| स्टार्टअप | ❌ 350 स्टार्टअप (67 साल में) | ✅ 1,40,000+ (10 साल में) |
| शिक्षा | ✅ RTE अधिकार — ऐतिहासिक | ✅ AIIMS, IIT संख्या बढ़ी |
| स्वास्थ्य | ✅ NHM — ग्रामीण स्वास्थ्य की नींव | ✅ आयुष्मान भारत |
| बेरोजगारी | ⚠️ मनरेगा ने राहत दी — पर्याप्त नहीं | ⚠️ CMIE 2026 में 7.5% — चिंताजनक |
निष्कर्ष: कोई भी सरकार पूर्ण नहीं — लेकिन तुलना जरूरी है
22 साल — दो अलग-अलग विचारधाराएँ, दो अलग-अलग नेतृत्व शैलियाँ, दो अलग-अलग रिकॉर्ड।
UPA की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ: भारत-अमेरिका परमाणु समझौता, शिक्षा का अधिकार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मनरेगा, सूचना का अधिकार (RTI) — ये ऐसे काम थे जिन्होंने भारत की संस्थागत नींव को मजबूत किया।
UPA की सबसे बड़ी विफलताएँ: 2G, Coalgate जैसे घोटाले, 8-12% महँगाई, नीतिगत पक्षाघात (Policy Paralysis) जो 2011-14 में स्पष्ट था।
NDA की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ: बुनियादी ढाँचे में क्रांतिकारी गति, 100% ग्राम विद्युतीकरण, आयुष्मान भारत, स्टार्टअप इकोसिस्टम, महँगाई नियंत्रण, Operation Sindoor, G20 का सफल आयोजन।
NDA की सबसे बड़ी विफलताएँ: नोटबंदी का अपेक्षित परिणाम न आना, चुनावी बॉन्ड पर Supreme Court का फैसला, COVID दूसरी लहर में प्रबंधन की विफलता, बेरोजगारी जनवरी 2026 में 7.5%।
अंत में — एक लोकतंत्र की ताकत यही है कि वह अपनी सरकारों को जवाबदेह रखे। न UPA को आँख बंदकर महान माना जाए, न NDA को। आँकड़े पढ़ें, सोचें और अपना निर्णय खुद करें।
आप क्या सोचते हैं — किस सरकार ने भारत को ज्यादा आगे बढ़ाया? क्या कोई एक सरकार दूसरे से बेहतर थी या दोनों की अपनी-अपनी खूबियाँ और कमियाँ थीं? नीचे टिप्पणी में जरूर बताएं।
स्रोत / Sources:
1. PIB — Infrastructure Factsheet, February 2025 (Roads, Airports data)
2. Swarajya Mag — FM Sitharaman UPA vs NDA Infrastructure Comparison, May 2024
3. Down to Earth — MGNREGA/Rural schemes data, 2026
4. Tracxn — India Unicorn List, May 2026
5. Trading Economics — India Ease of Doing Business, CPI Inflation data
6. Transparency International — Corruption Perception Index, 2013, 2025
7. SIPRI — Military Spending and Operation Sindoor analysis, April 2026
8. Carnegie Endowment — India Foreign Policy analysis, March 2026
9. ORF — Modi Foreign Policy Decade, 2024
10. Ministry of Power — Saubhagya Scheme data, 2022
11. Deccan Herald — 2G Scam Court verdict, 2017
12. ISPP — G RAM G Act analysis, March 2026
13. CMIE — Unemployment Rate, January 2026
14. IMF — India GDP data, World Economic Outlook 2026

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