Est. 2025 · लेखक: आकाश दीप

राजनीति, इतिहास, रक्षा और अर्थव्यवस्था

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पश्चिम बंगाल बजट 2026-27: 1 लाख नौकरियां, DA बढ़ोतरी, आयुष्मान भारत और BJP की बड़ी घोषणाएं

लेखक: आकाश दीप | युगबोध

ऐतिहासिक संदर्भ: एक नई शुरुआत का बजट

22 जून 2026 — यह तारीख पश्चिम बंगाल के राजनीतिक और आर्थिक इतिहास में एक नई इबारत लिखने का दिन बन गई। दशकों बाद पहली बार, भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राज्य विधानसभा में अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्त ने दोपहर 12 बजे वार्षिक वित्तीय विवरण सदन के पटल पर रखा — और इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई BJP सरकार का पहला आर्थिक दृष्टिपत्र सामने आया।

यह बजट केवल एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं था। यह उस राज्य की नई दिशा का घोषणापत्र था, जो दशकों तक TMC और उससे पहले Left Front के शासन में रहा। BJP ने 2026 के विधानसभा चुनाव में "डबल इंजन सरकार" और "विकसित बंगला, विकसित भारत" के नारे के साथ सत्ता हासिल की थी — और इस बजट में यही दृष्टिकोण प्रतिबिंबित हुआ।

बजट सत्र 18 जून 2026 को शुरू हुआ था, जब राज्यपाल R N Ravi ने उद्घाटन भाषण दिया। 22 जून को बजट पेश हुआ, और 23-24 जून को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा तथा सामान्य बजट पर बहस निर्धारित थी। 25 जून को विभागों की अनुदान मांगें उठाई जानी थीं और 6 जुलाई से द्वितीय चरण का सत्र निर्धारित है।

बजट का बड़ा आँकड़ा: एक नज़र में

मद राशि विवरण
कुल बजट आकार (Net) ₹4,06,084.17 करोड़ (कुल Gross आवंटन: ₹4,38,775.29 करोड़)
कुल व्यय अनुमान ₹3,50,866.48 करोड़ ऋण चुकौती को छोड़कर
राजस्व व्यय ₹3,09,551.07 करोड़
पूंजीगत व्यय ₹41,315.41 करोड़ Infrastructure & Development
कुल राजस्व प्राप्तियाँ ₹2,87,791.73 करोड़ राज्य कर + केंद्रीय हिस्सा + अनुदान
राजस्व घाटा ₹21,984.41 करोड़ पिछले वर्ष ₹41,164 करोड़ से लगभग आधा
राजकोषीय घाटा ₹62,421.37 करोड़ (GSDP का 3.6%) Finance Commission की 3% सीमा के करीब
ऋण चुकौती ₹54,606.53 करोड़ विरासत में मिले ऋण भुगतान
संचित ऋण ₹8,15,891.35 करोड़ TMC सरकार से विरासत

राजस्व घाटे का ₹41,164 करोड़ से घटकर ₹21,984 करोड़ पर आना — यानी लगभग आधा होना — इस बजट की सबसे बड़ी fiscal achievement है। वहीं संचित ऋण ₹8.15 लाख करोड़ का बोझ TMC की विरासत है, जिसे BJP सरकार ने सदन में स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।

मुख्य राजस्व स्रोत

राजस्व स्रोत अनुमानित राशि
State GST (SGST) ₹61,535 करोड़
Non-Corporate Income Tax (केंद्रीय हिस्सा) ₹39,188.50 करोड़
Corporate Tax (केंद्रीय हिस्सा) ₹32,325.73 करोड़
CGST Share (केंद्रीय GST का राज्य हिस्सा) ₹30,117.56 करोड़
Land Revenue (भूमि राजस्व) ₹4,928.45 करोड़

बड़ी घोषणाएँ: वे 10 बातें जो सुर्खियाँ बनीं

वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्त ने अपने बजट भाषण में जो घोषणाएँ कीं, वे हर वर्ग को छूती हैं — युवा, किसान, महिलाएँ, कर्मचारी, उद्योगपति और सामान्य नागरिक। आइए एक-एक कर समझें:

1. 1 लाख सरकारी नौकरियाँ — शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, प्रशासन और तकनीकी विभागों में इसी वित्त वर्ष में 1 लाख रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें 33% आरक्षण महिला अभ्यर्थियों के लिए होगा। पुलिस बल में अलग से 20,000 रिक्तियाँ भरी जाएंगी।

2. DA में 20% की वृद्धि — राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वर्तमान 18% DA के ऊपर 20% अतिरिक्त DA की घोषणा, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। कुल DA 38% हो जाएगा — जिसका लाखों कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनभोगी इंतज़ार कर रहे थे।

3. अन्नपूर्णा योजना — ₹36,000 करोड़ — महिलाओं को सीधी वित्तीय सहायता देने वाली इस योजना में ₹36,000 करोड़ का आवंटन। TMC की लक्ष्मीर भंडार योजना को नाम बदलकर नई पहचान दी गई।

4. बांगलार युवा-साथी योजना — 21 से 40 वर्ष के शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को (जिन्होंने मध्यमिक पास किया हो) नौकरी मिलने तक या अधिकतम 5 वर्ष तक ₹1,500 प्रति माह। 15 अगस्त 2026 से शुरू होगी।

5. ₹5,000 करोड़ औद्योगिक प्रोत्साहन — प्राथमिकता क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्योगों को incentive देने के लिए ₹5,000 करोड़ का आवंटन। ₹100 करोड़ से अधिक निवेश वाली कंपनियों को स्थानीय निकाय की मंजूरी की ज़रूरत नहीं होगी।

6. Greenfield Airport — कल्याणी के पास — कोलकाता के नज़दीक कल्याणी में नया हवाई अड्डा स्थापित करने की घोषणा। साथ ही North Bengal में IIT और IIM स्थापित करने का प्रस्ताव।

7. कृषि में ₹200 अतिरिक्त — MSP से ऊपर — खरीफ फसलों के लिए MSP से ₹200 ऊपर की कीमत, सरकारी ट्यूबवेल और RLI योजनाओं में सिंचाई शुल्क की पूर्ण माफ़ी, और कृषि बिजली पर ₹2 प्रति यूनिट सब्सिडी (₹800 करोड़ आवंटित)।

8. Ayushman Bharat का विस्तार — 1.43 करोड़ परिवारों यानी लगभग 6.5 करोड़ लोगों को जुलाई से Ayushman Bharat के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवरेज।

9. 5 नए ज़िले और 7 नगरपालिकाएँ — राज्य में 5 नए प्रशासनिक ज़िले, 1 नया उपखंड और 7 नई नगरपालिकाओं की स्थापना।

10. Siliguri — Industrial Hub और Durgapur Semiconductor — North Bengal में Siliguri को बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा। Durgapur में semiconductor unit स्थापित होगी।

क्षेत्रवार विस्तृत आवंटन

विभाग / क्षेत्र आवंटन (₹ करोड़)
महिला एवं बाल विकास 42,113.85
पंचायत एवं ग्रामीण विकास 46,293.09
स्कूली शिक्षा 41,234.66
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण 22,338.08
नगर विकास एवं नगरपालिका मामले 13,595.55
गृह एवं पर्वतीय मामले 16,439.12
सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी 12,906.80
उच्च शिक्षा 6,858.69
ऊर्जा (Power) 5,343.59
अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा 5,713.61
सिंचाई एवं जलमार्ग 4,214.10
लोक निर्माण विभाग (PWD) 7,133.00
कृषि विभाग 10,463.12
परिवहन 2,307.30
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास 1,464.19
उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम 1,483.97
MSME एवं वस्त्र 1,250.15
पशु संसाधन विकास 1,327.33
पिछड़ा वर्ग कल्याण 2,533.39
जनजाति विकास 1,234.78
आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा 3,119.99
सुंदरबन मामले 641.74
उत्तर बंगाल विकास 920.13
पश्चिमांचल उन्नयन मामले 810.04
मत्स्य पालन 539.30
पर्यटन 525.92
सूचना एवं सांस्कृतिक मामले 1,006.05
सुधारात्मक प्रशासन (Jails) 455.47
अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ 541.59
नवीकरणीय एवं गैर-पारंपरिक ऊर्जा 105.27

कृषि और किसान: व्यापक राहत पैकेज

पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका अब भी केंद्रीय है और BJP सरकार ने इस सेक्टर को विशेष महत्व दिया है। कृषि विभाग को ₹10,463.12 करोड़ दिए गए हैं, जो पिछली सरकार के तुलनात्मक आवंटन से उल्लेखनीय रूप से अधिक है।

कृषि घोषणा लाभ / विवरण
MSP से ₹200 ऊपर — खरीफ फसलें किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक मिलेगा — सीधा आय लाभ
सिंचाई शुल्क माफ़ी सरकारी ट्यूबवेल और RLI योजनाओं पर शुल्क समाप्त — छोटे किसानों को राहत
कृषि बिजली सब्सिडी ₹2 प्रति यूनिट सब्सिडी — ₹800 करोड़ आवंटित — खेती की लागत कम होगी
50 नए Cold Storage पूरे राज्य में — कटाई के बाद नुकसान कम होगा, किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी
भूमिहीन मजदूर — ₹4,000 वार्षिक रबी और खरीफ में ₹2,000-₹2,000 किस्त — Krishak Bandhu से बाहर रहे मजदूरों के लिए
हरित चाय पत्ती पर Agricultural Income Tax मार्च 2027 तक माफ़ — छोटे चाय बागान मालिकों को राहत
सब्जी और बागवानी उत्पाद खरीद केंद्र, प्रसंस्करण, छँटाई और पैकेजिंग में सहायता

रोजगार और युवा: एक केंद्रित दृष्टिकोण

पश्चिम बंगाल में शिक्षित बेरोजगारी एक लंबे समय से चली आ रही समस्या रही है। BJP सरकार ने इसे directly address करने का प्रयास किया है — न केवल सरकारी नौकरियों से, बल्कि एक comprehensive employment ecosystem बनाकर।

रोजगार से जुड़ी घोषणा विवरण
1 लाख सरकारी भर्तियाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, प्रशासन, तकनीकी — इसी वित्त वर्ष में
33% महिला आरक्षण सभी सरकारी भर्तियों में — पुलिस बल सहित
20,000 पुलिस पद राज्य पुलिस बल में विशेष भर्ती अभियान
बांगलार युवा-साथी 21-40 वर्ष, मध्यमिक उत्तीर्ण, बेरोज़गार — ₹1,500/माह, अधिकतम 5 साल, 15 अगस्त से शुरू
10 लाख लखपति दीदी Self-Help Groups के ज़रिए — इसी वित्त वर्ष का लक्ष्य
Mahatma-Shree योजना ₹2,000 करोड़ — जॉब कार्ड धारकों के लिए न्यूनतम 100-125 दिन का काम
Industrial Corridors & Parks 5 नए MSE Industrial Parks — जलपाईगुड़ी (2), बीरभूम, बांकुड़ा, मुर्शिदाबाद
Gig Workers के लिए सुविधाएँ मुफ्त चार्जिंग पॉइंट, पेयजल, Swasthyasathi कवरेज — Welfare Board की स्थापना
Skill Development Centers समुद्री विज्ञान, जलीय कृषि और बायोटेक में प्रशिक्षण

महिला सशक्तिकरण: सबसे बड़ा आवंटन

इस बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग को ₹42,113.85 करोड़ — जो किसी भी एकल विभाग के लिए सबसे बड़े आवंटनों में से एक है — मिलना यह बताता है कि BJP सरकार महिला वोटरों को किस प्राथमिकता से देख रही है।

महिला-केंद्रित घोषणा विवरण
अन्नपूर्णा योजना ₹36,000 करोड़ — सीधी वित्तीय सहायता (Pink Card के ज़रिए)
महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा ₹550 करोड़ — सभी सरकारी बसों में निशुल्क सेवा
₹50,000 — कॉलेज छात्राएँ सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को एकमुश्त छात्रवृत्ति
अविवाहित छात्राएँ ₹50,000 एकमुश्त सहायता — सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाली अविवाहित महिला छात्राएँ
₹30,000 — छात्र (सामान्य) सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के छात्रों को वित्तीय सहायता
Sanitary Vending Machines कॉलेजों में सैनिटरी उत्पाद वेंडिंग मशीन — स्वास्थ्य और गरिमा
HPV Vaccination 40 वर्ष से कम सभी महिलाओं को निःशुल्क HPV टीकाकरण
Working Women's Hostels हर ज़िले में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास
नई महिला कॉलेज पूरे राज्य में नए women's colleges की स्थापना

उद्योग और Ease of Doing Business: एक नया अध्याय

पश्चिम बंगाल में निवेश का माहौल पिछले कई दशकों में लगातार चिंताजनक रहा है। "Cut Money" और "Syndicate Raj" जैसे आरोपों ने निवेशकों को दूर किया। BJP सरकार ने इस बजट में इन मुद्दों को सीधे address किया है।

औद्योगिक नीति घोषणा क्या बदलेगा
₹5,000 करोड़ औद्योगिक प्रोत्साहन प्राथमिकता क्षेत्रों में निवेश पर direct incentive
₹100 करोड़+ निवेश — Local Body Clearance नहीं बड़े प्रोजेक्ट के लिए red tape खत्म — fast-track clearance
Urban Land Ceiling Act 1976 की समीक्षा बड़े उद्योगों के लिए ज़मीन उपलब्धता में सुधार
Single-Window Clearance System नौकरशाही देरी कम — निवेशकों के लिए एक ही खिड़की
WB Investment Promotion Framework नई industrial policy — manufacturing & logistics hub की दिशा में
Global Trade Centre सरकारी ज़मीन पर joint collaboration — Kolkata को trade hub बनाना
Calcutta Stock Exchange पुनरुद्धार कोलकाता को पूर्वी भारत का वित्तीय केंद्र बनाने की कोशिश
"Cut Money" विरोधी नया कानून उद्योगों को extortion और syndicate से सुरक्षा — नया विधायी प्रस्ताव
Siliguri — Industrial Hub North Bengal के लिए बड़ा industrial push — neglect की शिकायत दूर करने की कोशिश
Durgapur — Semiconductor Unit High-tech manufacturing — National semiconductor mission से alignment

स्वास्थ्य और शिक्षा: मानव पूंजी में निवेश

स्वास्थ्य क्षेत्र को ₹22,338.08 करोड़ और स्कूली शिक्षा को ₹41,234.66 करोड़ का आवंटन इस बजट की मानव विकास प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेष ध्यान देने वाली घोषणाएँ इस प्रकार हैं:

स्वास्थ्य घोषणा लाभ
Ayushman Bharat — 6.5 करोड़ लोग 1.43 करोड़ परिवार — जुलाई 2026 से ₹5 लाख तक स्वास्थ्य कवर
5 नए Local Medical Hubs Health Tourism के लिए — मुंबई, वेल्लोर जाने की मजबूरी कम होगी
AIIMS + Cancer Hospital — North Bengal उत्तर बंगाल में specialized healthcare — पहली बार
नया Ayush Department पारंपरिक चिकित्सा को मज़बूती — नई भर्तियाँ भी होंगी
ASHA workers — ₹1,000 honorarium वृद्धि अप्रैल 2026 से — 180 दिन maternity leave — मृत्यु पर ₹5 लाख मुआवज़ा
Pensioners को cashless उपचार सीमा में वृद्धि — पेंशनभोगियों को बेहतर सुविधा

शिक्षा घोषणा लाभ
IIT और IIM — North Bengal उत्तर बंगाल में उच्च शिक्षा का नया केंद्र — regional disparity कम होगी
Navodaya Vidyalayas — भूमि आवंटन केंद्र के साथ coordination — rural talent को national platform
Sports University + नया Stadium खेल शिक्षा को institutional framework — North Bengal में stadium
स्वामी विवेकानंद Scholarship मेधावी छात्रों के लिए नई scholarship scheme
Mid-Day Meal — ISKCON Partnership कोलकाता के स्कूलों में पौष्टिक भोजन — attendance में सुधार की उम्मीद
7th Pay Commission गठन राज्य कर्मचारियों के वेतन पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू

बुनियादी ढाँचा और शहरी विकास

Urban Development को ₹13,595.55 करोड़ और PWD को ₹7,133 करोड़ देकर सरकार ने infrastructure को एक प्रमुख प्राथमिकता बनाया है। प्रमुख परियोजनाएँ इस प्रकार हैं — Greenfield Airport (कल्याणी), 25+ शहरों का आधुनिकीकरण (हावड़ा, बर्धमान, दुर्गापुर, सिलीगुड़ी, बैरकपुर, रायगंज आदि), Pathashree-Rastashree Phase-IV (₹9,488 करोड़), Sundarbans में 60 km बाँध पुनर्निर्माण (ADB से ₹1,000 करोड़), Sports City (Dumurjala, Howrah), Cultural City (Baruipur), Darjeeling को Eco-Adventure Tourism Hub, और Kolkata Metro एवं अन्य शहरी परिवहन परियोजनाएँ।

राजकोषीय स्थिति: ऋण का बोझ और सुधार की दिशा

इस बजट की सबसे बड़ी fiscal चुनौती और उपलब्धि दोनों एक साथ समझनी होंगी। TMC सरकार से विरासत में मिला ₹8.15 लाख करोड़ का संचित ऋण राज्य की सबसे बड़ी बाधा है। वित्त मंत्री दासगुप्त ने इसे स्पष्ट रूप से सदन में रखा। लेकिन राजस्व घाटे का लगभग आधा होना — ₹41,164 करोड़ से ₹21,984 करोड़ — एक सकारात्मक संकेत है। राजकोषीय घाटा GSDP का 3.6% है, जो Finance Commission की 3% सीमा को थोड़ा पार करता है लेकिन पहले वर्ष की महत्वाकांक्षी योजनाओं को देखते हुए स्वीकार्य माना जा सकता है।

राजकोषीय संकेतक 2025-26 (Revised) 2026-27 (Budget Estimate) बदलाव
राजस्व घाटा ₹41,164 करोड़ ₹21,984 करोड़ ✅ लगभग आधा
राजकोषीय घाटा पूर्व अनुमान से अधिक ₹62,421 करोड़ (3.6% GSDP) ✅ बेहतर लेकिन 3% सीमा से ऊपर
संचित ऋण ₹7,62,326 करोड़ ₹8,15,891 करोड़ ⚠️ बढ़ रहा है — विरासत का बोझ

विश्लेषण: क्या यह बजट वाकई 'बदलाव का बजट' है?

BJP सरकार के इस पहले पूर्ण बजट को तीन स्तरों पर समझा जा सकता है — राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक।

राजनीतिक दृष्टि से यह बजट एक statement है। 1 लाख नौकरियाँ, DA हिक, महिलाओं के लिए ₹36,000 करोड़ की Annapurna Yojana और गिग वर्कर्स को सुविधाएँ — यह सब मिलकर यह कहता है कि "सरकार बदली है, नीतियाँ बदली हैं।" Cut Money विरोधी कानून और syndicate raj का उल्लेख directly TMC की विरासत पर निशाना है।

आर्थिक दृष्टि से राजस्व घाटे का कम होना अच्छा संकेत है। लेकिन ₹8.15 लाख करोड़ का संचित ऋण एक गंभीर constraint है। Industrial incentives और Urban Land Ceiling Act की समीक्षा सही दिशा में है — लेकिन investment actual में आएगा या नहीं, यह implementation पर निर्भर करेगा। Calcutta Stock Exchange का revival और Semiconductor Unit महत्वाकांक्षी हैं लेकिन समयरेखा अभी स्पष्ट नहीं है।

प्रशासनिक दृष्टि से सबसे बड़ी परीक्षा यह होगी कि 1 लाख नौकरियाँ वाकई इसी वित्त वर्ष में भरी जाएँ। TMC के दौर में भर्ती विवादों की लंबी छाया अभी भी है। Ayushman Bharat का विस्तार जुलाई से संभव है क्योंकि यह केंद्र की योजना है — लेकिन इसका state integration seamless होना चाहिए।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की राह

TMC ने बजट की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घोषणाएँ बड़ी हैं लेकिन राज्य के पास संसाधन सीमित हैं — और ₹8.15 लाख करोड़ के ऋण बोझ में यह सब कैसे होगा, यह स्पष्ट नहीं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि "6-8 महीने में पश्चिम बंगाल को इस बजट के फायदे दिखने लगेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि "यह बजट extortion और syndicate को खत्म करने की भी कोशिश है।"

BSF और CRPF jawans को professional tax से राहत, Migrant Workers के लिए Ayushman Bharat coverage, और PM Awas के अतिरिक्त 25 लाख लाभार्थी — ये छोटी-छोटी लेकिन targeted घोषणाएँ हैं जो विभिन्न वर्गों को direct benefit देती हैं।

निष्कर्ष: एक महत्वाकांक्षी शुरुआत

पश्चिम बंगाल का बजट 2026-27 तीन चीज़ें एक साथ करने की कोशिश करता है — welfare continuity (TMC की लोकप्रिय योजनाओं को नाम बदलकर जारी रखना), development push (industry, infrastructure, jobs) और fiscal discipline (राजस्व घाटा कम करना)। यह तीनों एक साथ करना आसान नहीं है — और इसीलिए ₹4,06,084 करोड़ का यह बजट एक साहसिक दांव है।

चुनौतियाँ वास्तविक हैं — भारी ऋण, निवेश का डरा हुआ माहौल, और दशकों की governance habits को बदलना। लेकिन Ayushman Bharat जैसी ready-to-implement योजनाएँ, 1 लाख नौकरियों की timeline, और DA hike जैसी तत्काल राहतें इस बजट को voters के नज़रिए से तत्काल relevant बनाती हैं।

असली परीक्षा अगले 6 से 12 महीनों में होगी — जब यह दिखेगा कि कागज़ पर लिखी नीतियाँ ज़मीन पर उतरती हैं या नहीं। पश्चिम बंगाल की जनता दशकों से सुन रही है — इस बार वह देखना चाहती है।

आप क्या सोचते हैं — क्या BJP सरकार का यह पहला बजट पश्चिम बंगाल की तस्वीर बदलने में सफल होगा? 1 लाख नौकरियाँ, Ayushman Bharat और Annapurna Yojana — इनमें से कौन सी घोषणा सबसे अधिक असरदार लगती है? नीचे टिप्पणी में ज़रूर बताएं।

स्रोत / Sources:

1. West Bengal Finance Department — Budget Speech 2026-27 (English), finance.wb.gov.in
2. Free Press Journal — "West Bengal Budget 2026-27: ₹4.38 Lakh Crore Allocation, 1 Lakh Jobs, 20% DA Hike", June 23, 2026
3. StudyIQ — "West Bengal Budget 2026: Key Highlights, Major Announcements, Allocations and Impact", June 22, 2026
4. New Kerala — "West Bengal Budget 2026-27: Deficit Down, Debt Up", June 22, 2026
5. News on Air (AIR) — "West Bengal Government Announces Recruitment of 1 Lakh Vacant Posts in Budget 2026-27"
6. Drishti IAS — West Bengal Budget 2026-27 State PCS Current Affairs

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