Est. 2025 · लेखक: आकाश दीप

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BRICS Summit 2026: 140 सूत्री Declaration, भारत की कूटनीतिक जीत और China-Russia का समर्थन

लेखक: आकाश दीप | युगबोध

BRICS Summit 2026 में भारत की कूटनीतिक भूमिका और वैश्विक शक्ति संतुलन

दो दिन, 11 देश, एक युद्ध की छाया, और भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक परीक्षा

13 सितंबर 2026, रविवार शाम। भारत मंडपम, नई दिल्ली। शी जिनपिंग का विमान दिल्ली से रवाना हुआ, और उसी के साथ 18वां BRICS Summit औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। दो दिन, 11 देशों के नेता, सैकड़ों घंटों की बातचीत, रात के 4 बजे तक चली negotiations, और आखिरकार एक 140-सूत्री घोषणापत्र जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से अपनाया।

लेकिन इस Summit को समझने के लिए एक बात जाननी बेहद ज़रूरी है, जो शायद सबसे कम समझी गई है — यह कोई सामान्य समय में हो रहा Summit नहीं था। यह उस दौर में हो रहा था जब दुनिया 28 फरवरी 2026 से एक वास्तविक, चल रहे युद्ध America-Israel बनाम Iran के साये में जी रही थी, जिसमें खुद Iran के Supreme Leader Ali Khamenei तक मारे जा चुके थे, Strait of Hormuz बंद पड़ा था, और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार महीनों से हिला हुआ था।

ऐसे माहौल में, भारत को एक ऐसे मंच की मेज़बानी करनी थी जहां Iran और UAE दोनों BRICS सदस्य इसी युद्ध में विपरीत पक्षों पर खड़े थे। आज हम इस पूरी कहानी को शुरू से अंत तक, हर एक पहलू से समझेंगे: यह युद्ध क्या है, Declaration में क्या-क्या है, भारत को क्या मिला, हर बड़े नेता ने क्या कहा, और इस Summit का असली भू-राजनीतिक मतलब क्या है।

🔴 सबसे पहले — वह युद्ध जिसकी छाया में यह पूरा Summit हुआ

इस Summit को समझने के लिए, सबसे पहले उस background को समझना ज़रूरी है जिसमें यह हुआ।

2026 Iran War — Key Facts विवरण
शुरुआत 28 फरवरी 2026 — America और Israel ने Iran पर हमला किया ("Operation Epic Fury")
सबसे बड़ा झटका Iran के Supreme Leader Ali Khamenei की मौत, साथ ही परमाणु और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया
Iran का जवाबी हमला US embassies, सैन्य ठिकानों, और तेल infrastructure पर सैकड़ों मिसाइलें और हज़ारों drones
Strait of Hormuz बंद 4 मार्च 2026 से, Iran ने जहाज़ों पर हमले किए, समुद्री mines बिछाईं — दुनिया के 25% seaborne तेल व्यापार और 20% LNG पर सीधा असर
Trump की धमकी 21 मार्च को — अगर 48 घंटे में Strait नहीं खुला, तो Iran के power plants "obliterate" करने की धमकी
Houthi का जुड़ना 28 मार्च को Yemen के Houthi ने भी Israel पर मिसाइलें दागकर एक नया मोर्चा खोला
आंशिक Ceasefire Pakistan-मध्यस्थता वाला ceasefire और जून का MOU — बड़े स्तर की लड़ाई रुकी, लेकिन दोनों पक्ष अब भी उल्लंघन के आरोप में हमले कर रहे हैं
मृतक (Hormuz में) 20 नाविक, 1 बंदरगाह कर्मी मारे गए, 35 घायल
Summit के दौरान भी हमले जारी 13 सितंबर को — Summit के आखिरी दिन ही — Hormuz Strait में एक व्यापारिक जहाज़ पर हमला हुआ, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत और 3 घायल हुए

भारत की स्थिति — "Neutral" रहते हुए भी घरेलू दबाव

इस पूरे युद्ध में भारत ने आधिकारिक रूप से तटस्थ (neutral) रुख अपनाया भारत ने US ठिकानों पर हुए हमलों की निंदा की, लेकिन बिना Iran का नाम लिए। साथ ही, Strait of Hormuz बंद होने से पैदा हुए घरेलू ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ा (जिसका विस्तृत विश्लेषण हमने अपने पहले के "Forex Reserves" और "FPI Outflow" वाले articles में किया था)।

घरेलू राजनीति में, Indian National Congress ने BJP सरकार की US-Israel हमलों की निंदा न करने के लिए आलोचना की यह दिखाता है कि यह मुद्दा सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक सीमित नहीं, बल्कि भारत की घरेलू राजनीति में भी एक बहस का विषय बना।

Summit का पूरा Timeline — दो दिन में क्या-क्या हुआ

तारीख मुख्य घटनाएं
11 सितंबर (शुक्रवार) BRICS Business Forum — पुतिन का "हम G7 से बड़े हैं" बयान, Modi-Putin bilateral meeting, Iran और Guterres के साथ भी अलग मुलाकातें
12 सितंबर (शनिवार) — रात Foreign Ministers-स्तर की बातचीत रात 4 बजे तक चली, ताकि Iran-UAE के बीच West Asia को लेकर मतभेद सुलझाए जा सकें
12 सितंबर — दिन New Delhi Declaration का सर्वसम्मति से पास होना, Xi Jinping का New Delhi आगमन (7 साल बाद पहली यात्रा), Modi-Xi bilateral meeting, Xi का "sovereignty violations और protectionism को अस्वीकार करने" का आह्वान
13 सितंबर (रविवार)

"Inclusive Global Growth" पर चर्चा, नेताओं का पेड़ लगाना (tree-planting ceremony) — Sisi, Putin, Modi, Xi, Ramaphosa द्वारा, Modi का समापन भाषण, China का AI open-source zone का ऐलान, Anwar Ibrahim का BrahMos deal confirm करना, शाम को Summit का औपचारिक समापन

🔴 New Delhi Declaration — 140 बिंदुओं का सार, हिस्सा-दर-हिस्सा

Declaration को कुछ मुख्य हिस्सों में बांटकर समझना सबसे आसान तरीका है।

1. बुनियादी सिद्धांत और BRICS की भावना

Declaration की शुरुआत "mutual respect, sovereign equality, solidarity, democracy, openness, inclusiveness, collaboration and consensus" के प्रति प्रतिबद्धता से होती है। तीन स्तंभ political-security, economic-financial, cultural-people-to-people के तहत सहयोग गहरा करने की बात है। भारत की chairship के दौरान 400+ बैठकें, 30 शहरों में आयोजित होने की सराहना की गई।

2. Global Governance सुधार — सबसे बड़ी भारतीय जीत

यह हिस्सा भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। Declaration में साफ लिखा है "China and Russia, as permanent members of the UN Security Council, reiterate their support to the aspirations of Brazil and India to play a greater role in the UN, including its Security Council।"

यानी दो स्थायी UNSC सदस्यों ने, एक बड़े अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज़ में, फिर से भारत की UNSC स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन दोहराया। साथ ही, एक बेहद खास, कम-चर्चित बिंदु भी है Declaration यह रेखांकित करता है कि आज तक कभी कोई महिला UN Secretary-General नहीं बनी, और सिर्फ एक-एक व्यक्ति Latin America, Africa और Asia से इस पद पर रहे हैं यह अगले Secretary-General चुनाव को लेकर एक स्पष्ट इशारा है।

🔴 3. West Asia और Security — सबसे कठिन, सबसे संवेदनशील हिस्सा

यही वह हिस्सा है जिस पर रात के 4 बजे तक बातचीत चली। अंतिम भाषा में शामिल है:

  • 22 अप्रैल 2025 के Jammu & Kashmir आतंकी हमले (26 मृत) की कड़ी निंदा — भारत के लिए एक बड़ी diplomatic जीत
  • नागरिक बुनियादी ढांचे और IAEA-सुरक्षा वाली परमाणु सुविधाओं पर हमलों पर गंभीर चिंता — यह सीधे तौर पर Iran पर हुए हमलों की ओर इशारा करता है, बिना नाम लिए
  • Gaza में तत्काल ceasefire की मांग, फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन को खारिज, 1967 सीमाओं पर आधारित two-state solution का समर्थन
  • Lebanon में इज़राइली सैनिकों की वापसी की मांग, UNIFIL शांति सैनिकों (4 Indonesian सहित) की मौत पर शोक
  • West Asia/Middle East में बढ़ते तनाव पर "deep concern" और "maximum restraint" बरतने की अपील

एक अहम context — मई 2026 में BRICS विदेश मंत्री एक साझा बयान पर सहमत नहीं हो पाए थे, ठीक इसी Iran-Saudi-UAE विभाजन की वजह से। यानी सितंबर में भारत की मेज़बानी में यह सहमति बनना, एक genuine diplomatic achievement है — जिसे Modi ने खुद स्वीकार किया कि यह "गहरे मतभेदों के बावजूद" हासिल हुआ।

4. Trade, Tariffs और Sanctions पर सख्त भाषा

बिना किसी देश (यानी America) का नाम लिए, Declaration:

  • एकतरफा tariffs और non-tariff उपायों की निंदा करता है — कहता है यह WTO नियमों के खिलाफ हैं
  • Environmental policy की आड़ में protectionism (यानी EU का Carbon Border Adjustment Mechanism) को खारिज करता है
  • UN Security Council से अनधिकृत unilateral और secondary sanctions की निंदा करता है
  • Local currencies में trade settlement और payment systems के बीच interoperability का समर्थन करता है — "राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए"

🔴 5. "No BRICS Currency" — एक बेहद ज़रूरी स्पष्टीकरण

भारत के विदेश मंत्रालय ने Summit के दौरान ही आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया — "अभी तक कोई BRICS मुद्रा (BRICS currency) का प्रस्ताव नहीं है।" यह बयान — जैसा हमारे पिछले "De-Dollarisation" article में विस्तार से बताया गया था — भारत की उसी सतर्क, गैर-टकरावपूर्ण रणनीति का हिस्सा है, ताकि Trump की tariff धमकियों से बचा जा सके।

6. भारत की तीन प्रमुख पहलें Declaration में शामिल

पहल विवरण
BRICS Risk Lab GIFT City, Gujarat में स्थापित होने वाला — साझा risk models और reinsurance capacity के लिए
AI Governance Statement "Leaders' Statement on Global Governance of AI" को लागू करने की प्रतिबद्धता
International Big Cats Alliance भारत की पर्यावरण-कूटनीति पहल को सभी सदस्यों का समर्थन

🔴 हर बड़े नेता ने क्या कहा — पूरा सार

Modi — समापन भाषण का सार

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने समापन भाषण में BRICS की ताकत को एक वाक्य में समेटा "BRICS की ताकत हमारी विविधता और सहयोग में है।" उन्होंने दोहराया कि BRICS दुनिया की 50% आबादी, 40% वैश्विक GDP, और 25% से ज़्यादा वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है।

उनका सबसे काव्यात्मक (poetic) बयान था "हम भले अलग-अलग वास्तविकताओं में जड़ें जमाए हों, लेकिन साथ मिलकर, सहयोग के ज़रिए, हम ऊपर उठते हैं और मानवता के लिए खिलते हैं (blossom for humanity)।" उन्होंने यह भी कहा "हमने inclusive global growth को आगे बढ़ाने की कोशिश की है।"

Xi Jinping — दो अलग-अलग स्वर

Xi ने सार्वजनिक मंच पर सभी BRICS सदस्यों से "sovereignty violations और protectionism को अस्वीकार करने" का आह्वान किया, और "UN की सत्ता (authority) को बरकरार रखने" पर ज़ोर दिया यह एक बहुपक्षवाद-समर्थक (pro-multilateralism), moral-high-ground वाला बयान था।

लेकिन Modi के साथ bilateral meeting में, उनकी भाषा कहीं ज़्यादा गर्मजोशी भरी थी "हालांकि हमारे दोनों देश कई मायनों में अलग हैं, वे एक-दूसरे की ताकतों को पूरक बनाने, एक-दूसरे का समर्थन करने, आपसी सफलता हासिल करने और साथ आगे बढ़ने में पूरी तरह सक्षम हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा "दोनों पक्षों को हाथ मिलाकर उच्च-गुणवत्ता वाले वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए, एक समान और टिकाऊ वैश्विक व्यवस्था की वकालत करनी चाहिए, और एक खुली व समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा देना चाहिए।"

Modi-Xi — "मतभेद विवाद न बनें"

Modi का जवाब उतना ही महत्वपूर्ण था "मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए (Differences should not become dispute)।" भारत के विदेश मंत्रालय ने बाद में एक बयान में कहा कि "दोनों नेताओं ने सीमा-प्रश्न के निष्पक्ष, तर्कसंगत, और आपसी रूप से स्वीकार्य समाधान की प्रतिबद्धता जताई।"

लेकिन एक ईमानदार तथ्य यह भी है भारत और चीन के आधिकारिक readouts (बैठक के बाद के बयान) सीमा-विवाद को लेकर थोड़े अलग रहे, और दोनों देश आज भी अपनी लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा पर भारी सैन्य तैनाती बनाए हुए हैं। गहरा अविश्वास (deep mistrust) अब भी बरकरार है, साथ ही बढ़ता व्यापार घाटा (trade deficit) और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी। Xi की यात्रा का विरोध दिल्ली में दर्जनों तिब्बतियों (Tibetans) ने भी किया — जो 1959 से भारत में रह रहे दलाई लामा के अनुयायी हैं।

Iran — "हमें Regional Policeman नहीं चाहिए"

जैसा पहले बताया गया, ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने Malaysia के PM Anwar Ibrahim के साथ मुलाकात में यह बेहद सीधा बयान दिया यह उस चल रहे युद्ध के संदर्भ में अमेरिका के लिए एक स्पष्ट संदेश था।

Ramaphosa — "Inflection Point"

South Africa के राष्ट्रपति Cyril Ramaphosa ने Business Forum में BRICS के वर्तमान क्षण को बदलते वैश्विक व्यापार पैटर्न और तकनीकी बदलाव के बीच एक "inflection point" (मोड़ बिंदु) बताया।

🔴 भारत को इस Summit से क्या ठोस मिला — पूरी सूची

फायदा विवरण
UNSC सुधार का दोहराया गया समर्थन China-Russia का लिखित समर्थन, एक अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज़ में दर्ज
J&K आतंकी हमले की निंदा सभी 11 सदस्यों द्वारा एक स्वर में, अंतरराष्ट्रीय मंच पर
GIFT City को वैश्विक मान्यता BRICS Risk Lab के ज़रिए, Gujarat का financial hub अब BRICS-स्तर की चर्चा का हिस्सा
India-China Reset की शुरुआत 7 साल बाद Xi की यात्रा, सीमा-मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता
🔴 BrahMos-Malaysia Deal की शुरुआत Anwar Ibrahim ने पुष्टि की कि Malaysia भारत के BrahMos missile system को खरीदने पर विचार कर रहा है — हालांकि अंतिम फैसला Malaysian Air Force को लेना है। यह भारत की बढ़ती defence-export क्षमता (जिसका हमने अपने "Defence Manufacturing" article में विस्तार से ज़िक्र किया था) का एक और बड़ा सबूत है
Big Cats Alliance को समर्थन भारत की पर्यावरण-कूटनीति पहल को BRICS-स्तर की मान्यता
Cultural Diplomacy की सफलता Rameswaram मंदिर का backdrop, Thirukkural का रूसी अनुवाद, गाला डिनर में भारतीय व्यंजनों की प्रमुखता — यह सब भारत की "soft power" कूटनीति को मज़बूत करता है
Malaysia के साथ व्यापक निवेश सहयोग Anwar ने कहा कि Malaysia को भारत के साथ नए निवेश और औद्योगिक सहयोग से फायदा होगा

🔴 China का बड़ा counter-move — AI Open-Source Zone

Summit के आखिरी दिन एक और महत्वपूर्ण घोषणा हुई China ने BRICS देशों के लिए एक AI open-source zone बनाने का ऐलान किया। यह एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है जहां एक तरफ भारत ने BRICS Risk Lab और Big Cats Alliance जैसी अपनी पहलों को आगे बढ़ाया, वहीं चीन ने technology (खासकर AI) के क्षेत्र में BRICS के भीतर अपनी नेतृत्व-भूमिका को मज़बूत करने की कोशिश की यह दिखाता है कि BRICS के भीतर भी, आर्थिक-तकनीकी नेतृत्व को लेकर एक शांत, लेकिन वास्तविक प्रतिस्पर्धा (quiet but real competition) भारत और चीन के बीच जारी है।

एक हल्का-फुल्का पल — Anwar Ibrahim का Kishore Kumar गाना

गंभीर geopolitics के बीच, एक बेहद वायरल, दिल छू लेने वाला पल भी आया — Malaysia के PM Anwar Ibrahim ने, bilateral meetings और summit चर्चाओं के बीच, अचानक Kishore Kumar का एक गाना गाकर सबको चौंका दिया। यह भारतीय सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, और दिखाता है कि कैसे बड़ी कूटनीति के बीच भी सांस्कृतिक जुड़ाव (cultural connect) एक अहम भूमिका निभाता है।

🔴 एक ईमानदार, संतुलित निष्कर्ष — पुरानी प्रतिद्वंद्विताएं अब भी बरकरार

एक निष्पक्ष विश्लेषण के लिए यह मानना ज़रूरी है कि यह Summit — चाहे कितना भी सफल क्यों न दिखे — BRICS के भीतर की गहरी, अनसुलझी दरारों को पूरी तरह नहीं मिटा पाया।

  • Iran-UAE का मतभेद सिर्फ "manage" हुआ है, सुलझा नहीं — दोनों देश आज भी युद्ध में विपरीत पक्षों पर हैं
  • India-China सीमा-विवाद जस का तस बना हुआ है, 3,500 किलोमीटर पर भारी सैन्य तैनाती जारी है
  • Modi और Xi के बीच बढ़ता व्यापार घाटा और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता — इन दोनों मुद्दों को Declaration ने नहीं छुआ
  • China का AI announcement दिखाता है कि तकनीकी नेतृत्व को लेकर भारत-चीन प्रतिस्पर्धा BRICS के भीतर भी जारी है

जैसा एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने बेहद सटीक तरीके से इसे संक्षेप में कहा — "BRICS ended on a high note, but old rivalries linger beneath the surface" — यानी BRICS एक ऊंचे स्वर पर समाप्त हुआ, लेकिन पुरानी प्रतिद्वंद्विताएं सतह के नीचे अब भी मौजूद हैं।

निष्कर्ष — भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक परीक्षा, और एक सतर्क सफलता

18वां BRICS Summit एक ऐसे दौर में आयोजित हुआ जब दुनिया एक वास्तविक युद्ध, एक बंद पड़ी Strait of Hormuz, और टूटती वैश्विक ऊर्जा-आपूर्ति श्रृंखला से जूझ रही थी। ऐसे माहौल में, भारत ने 11 बेहद विविध, कभी-कभी सीधे युद्धरत देशों को एक मंच पर लाकर, रात के 4 बजे तक चली बातचीत के बाद, एक सर्वसम्मत 140-सूत्री घोषणापत्र हासिल किया यह अपने आप में एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि है।

भारत को इससे UNSC सुधार का दोहराया गया समर्थन, J&K आतंकी हमले की अंतरराष्ट्रीय निंदा, GIFT City की वैश्विक मान्यता, संभावित BrahMos-Malaysia deal, और सबसे बढ़कर, 7 साल बाद Xi Jinping के साथ एक सतर्क लेकिन आगे बढ़ने वाली बातचीत यह सब कुछ हासिल हुआ। लेकिन साथ ही, यह भी उतना ही सच है कि इस Summit ने BRICS की बुनियादी चुनौती को हल नहीं किया यह अब भी एक ऐसा समूह है, जिसे सिर्फ अपने पश्चिम-विरोधी आर्थिक हितों से एकजुट रखा जा सकता है, जबकि इसके भीतर के भू-राजनीतिक मतभेद Iran-UAE से लेकर India-China तक जस के तस बने हुए हैं।

शायद यही BRICS की सबसे बड़ी सच्चाई है यह एक-दूसरे से प्रेम करने वाला परिवार नहीं, बल्कि एक साझा आर्थिक ज़रूरत से बंधा हुआ, अस्थायी लेकिन प्रभावशाली गठबंधन है, जिसे हर साल, हर मेज़बान देश को, फिर से नई मेहनत के साथ एकजुट रखना पड़ता है। इस साल, यह ज़िम्मेदारी भारत ने निभाई और, ज़्यादातर विश्लेषकों के अनुसार, बखूबी निभाई।

आप क्या सोचते हैं क्या भारत की यह कूटनीतिक सफलता आगे चलकर ठोस, ज़मीनी नतीजों में तब्दील होगी, या यह सिर्फ एक और अच्छी तरह मैनेज किया गया Summit बनकर रह जाएगा? नीचे टिप्पणी में ज़रूर बताएं।

स्रोत / Sources:

1. Malay Mail — "Brics ends on high note, but old rivalries linger beneath the surface", September 13, 2026
2. Daily Pioneer — "BRICS Summit concludes in Delhi with focus on Global South", September 13, 2026
3. Malay Mail — "Anwar confirms Malaysia exploring acquisition of India's BrahMos missile system", September 13, 2026
4. Malay Mail — "Xi urges Brics members to reject sovereignty violations and protectionism", September 12, 2026
5. Malay Mail — "China steps up AI push with open-source zone for Brics countries", September 13, 2026
6. Malay Mail — "Merchant ship strike in Hormuz Strait kills one, injures three", September 13, 2026
7. Malay Mail — "Brics leaders unite on Middle East calm despite deep divisions", September 13, 2026
8. Council on Foreign Relations — "Conflict With Iran", Global Conflict Tracker
9. Britannica — "2026 Iran war"
10. Wikipedia — "2026 Strait of Hormuz crisis"
11. Wikipedia — "India in the 2026 Iran war"
12. Wikipedia — "2026 Iran war"
13. Congress.gov (CRS Report R45281) — "The Strait of Hormuz: Security Developments and Impacts on Oil, Gas, and Other Commodities"
14. Al Jazeera — "Iran war: What's happening on day 23 of US-Israel attacks", March 22, 2026
15. Prime Minister of India (pmindia.gov.in) — "BRICS New Delhi Declaration", September 12, 2026
16. The Statesman — "BRICS Summit 2026: Here is what the New Delhi Declaration says"
17. The Statesman — "'Differences should not become dispute': Modi tells Xi during bilateral meeting"
18. The Statesman — "'We don't need a regional policeman': Iran President Masoud Pezeshkian's message to US at BRICS Summit"
19. Outlook India — "New Delhi Declaration Adopted At BRICS Summit 2026: What Are The Key Takeaways"

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