UK Breakup 2026: Scotland, Wales और Northern Ireland की Independence मांग से क्या टूटेगा United Kingdom?
लेखक: आकाश दीप | युगबोध
"वेस्टमिंस्टर का समय खत्म हो रहा है" — तीन नेताओं ने एक साथ खड़े होकर कह दी वह बात जो 300 साल में कभी नहीं कही गई
14 सितंबर 2026, वेल्स की राजधानी Cardiff। एक कमरे में तीन नेता एक साथ खड़े थे Scotland के First Minister John Swinney, Wales के First Minister Rhun ap Iorwerth, और Northern Ireland से Sinn Féin की उपाध्यक्ष Michelle O'Neill (साथ में पार्टी अध्यक्ष Mary Lou McDonald भी मौजूद)। इन तीनों ने मिलकर एक Memorandum of Understanding पर हस्ताक्षर किए, और फिर एक ऐसा वाक्य कहा जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया "वेस्टमिंस्टर का समय अब खत्म हो रहा है (Westminster's time is coming to an end)।"
और फिर John Swinney ने एक ऐसी भविष्यवाणी की, जो अपने आप में ऐतिहासिक है — "Andy Burnham, United Kingdom के आखिरी प्रधानमंत्री होंगे।"
यह कोई मामूली राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं है। यह उस देश के बारे में कहा जा रहा है, जो कभी दुनिया के एक-चौथाई हिस्से पर राज करता था United Kingdom of Great Britain and Northern Ireland, जिसे 314 साल पहले, 1707 में, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच Acts of Union के ज़रिए बनाया गया था। आज हम इस पूरी कहानी को शुरू से अंत तक समझेंगे: यह हो क्यों रहा है, कैसे हुआ, कौन-कौन इसमें शामिल है, और आगे क्या हो सकता है।
पहले समझें — United Kingdom बना कैसे था
United Kingdom असल में चार अलग-अलग "देशों" (nations) से मिलकर बना एक संघ (union) है — England, Scotland, Wales, और Northern Ireland। यह कोई एक-दिन में बना देश नहीं — यह सदियों के इतिहास का नतीजा है।
| साल | घटना |
|---|---|
| 1536-1543 | Wales को England के साथ औपचारिक रूप से जोड़ा गया (Laws in Wales Acts) |
| 1707 | Acts of Union — England और Scotland मिलकर "Kingdom of Great Britain" बने |
| 1801 | Ireland भी इसमें जुड़ा — "United Kingdom of Great Britain and Ireland" बना |
| 1921-1922 | Ireland का बड़ा हिस्सा (South) आज़ाद होकर अलग देश बना, सिर्फ Northern Ireland UK का हिस्सा बना रहा — यहीं से आज का नाम "United Kingdom of Great Britain and Northern Ireland" बना |
यानी UK का इतिहास खुद ही बताता है कि यह कोई अटूट, स्वाभाविक इकाई नहीं — बल्कि सदियों में जोड़े गए, बार-बार टूटे-फूटे टुकड़ों से बना एक संघ है। और 1922 में Ireland के अलग होने की मिसाल आज फिर से एक नई बहस का केंद्र बन चुकी है।
🔴 वह राजनीतिक भूकंप जिसने यह सब मुमकिन बनाया — Labour का leadership crisis
इस पूरी कहानी को समझने के लिए, हमें कुछ महीने पीछे जाना होगा — 2026 का Labour Party Leadership Crisis।
| तारीख | घटना |
|---|---|
| मई 2026 | UK Local Elections में Labour का बेहद खराब प्रदर्शन — जनता में तत्कालीन प्रधानमंत्री Keir Starmer के प्रति गहरी नाराज़गी सामने आई |
| 7 मई 2026 | Labour Party के भीतर एक leadership crisis शुरू हुई — MPs और trade unions में Starmer को हटाने का दबाव बढ़ा |
| Makerfield By-Election | Manchester के Mayor Andy Burnham को Parliament में लाने के लिए, सांसद Josh Simons ने अपनी सीट खाली की — यह इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ (1965 के बाद पहली बार) कि किसी by-election को खासतौर पर एक ऐसे व्यक्ति के लिए कराया गया जो अभी Parliament का सदस्य नहीं था। Burnham ने यह चुनाव लगभग 25,000 वोटों और 9,200+ की बढ़त से जीता |
| 22 जून 2026 | Keir Starmer ने प्रधानमंत्री पद और Labour नेतृत्व, दोनों से इस्तीफा दे दिया |
| 15-17 जुलाई 2026 | बाकी सभी संभावित उम्मीदवारों के हट जाने के बाद, Andy Burnham को 90% से ज़्यादा Labour MPs का समर्थन मिला, और वे निर्विरोध (unopposed) Labour नेता चुने गए |
| 20 जुलाई 2026 | Andy Burnham ने UK के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली |
यानी — UK को अभी, इस अभूतपूर्व constitutional संकट के बीचोंबीच, एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो सिर्फ दो महीने पहले ही सत्ता में आया है, और जिसकी अपनी राजनीतिक स्थिति अभी पूरी तरह मज़बूत नहीं मानी जा रही।
🔴 असली Trigger — तीनों जगह Pro-Independence सरकारें, पहली बार एक साथ
यह वह बुनियादी वजह है जिसने इस पूरे संकट को जन्म दिया — मई 2026 के चुनावों के बाद, पहली बार इतिहास में, Scotland, Wales, और Northern Ireland — तीनों जगह एक साथ, स्वतंत्रता-समर्थक (pro-independence) पार्टियां सत्ता में आ गईं।
| क्षेत्र | सत्तारूढ़ पार्टी | नेता | रुख |
|---|---|---|---|
| Scotland | Scottish National Party (SNP) | John Swinney (First Minister) | पूर्ण स्वतंत्रता (Independence) |
| Wales | Plaid Cymru | Rhun ap Iorwerth (First Minister) — 1999 में devolution के बाद पहले non-Labour Welsh First Minister | स्वतंत्रता (हाल तक कम लोकप्रिय था, लेकिन अब मुख्यधारा में आया) |
| Northern Ireland | Sinn Féin | Michelle O'Neill (First Minister), Mary Lou McDonald (पार्टी अध्यक्ष) | Irish Reunification (Republic of Ireland के साथ विलय) |
ब्रिटिश मीडिया ने इसे "पहली बार जब तीनों devolved सरकारें एक साथ मौजूदा संवैधानिक ढांचे को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध पार्टियों के नेतृत्व में हैं" बताया है — यह अपने आप में एक ऐतिहासिक, अभूतपूर्व (unprecedented) स्थिति है।
🔴 Trump का भी हाथ — Ireland को लेकर एक अप्रत्याशित बयान
इस पूरी कहानी में एक और दिलचस्प, अप्रत्याशित किरदार भी शामिल हो गया है — अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump। Ireland के प्रधानमंत्री Micheál Martin से Dublin में मुलाकात के बाद, Trump ने पत्रकारों से कहा कि वे "एक संयुक्त Ireland (united Ireland) देखना पसंद करेंगे।"
यह बयान — भले ही कैज़ुअल तरीके से कहा गया हो — Northern Ireland में Irish reunification की मांग करने वालों के लिए एक बड़ा, अंतरराष्ट्रीय समर्थन जैसा महसूस होता है, और यह दिखाता है कि UK का यह घरेलू संवैधानिक संकट अब सिर्फ ब्रिटेन तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें अमेरिका जैसी वैश्विक शक्तियां भी रुचि दिखा रही हैं।
🔴 Burnham की वह "गलती" जिसने आग में घी डाला
इस पूरे संकट को तुरंत भड़काने वाली सीधी वजह थी — खुद प्रधानमंत्री Andy Burnham का एक बयान।
Prime Minister's Questions (PMQs) के दौरान, बर्नहम ने कहा था कि अगर Scotland में स्वतंत्रता के लिए "clear consensus" (स्पष्ट सहमति) बन जाए, तो Scottish independence पर एक जनमत संग्रह (referendum) हो सकता है। Conservative Party ने इसे "naive and incorrect comments" (भोले और गलत बयान) करार दिया, और कहा कि इसने राष्ट्रवादी नेताओं को UK तोड़ने की योजना के लिए "नया गोला-बारूद (fresh ammunition)" दे दिया है।
जैसे ही यह बयान सामने आया, राष्ट्रवादी नेताओं ने तुरंत इसे लपक लिया — और ठीक इसी दबाव को बढ़ाने के लिए, यह Cardiff summit आयोजित की गई। लेकिन दिलचस्प बात यह भी है कि इसके ठीक एक हफ्ते बाद, Burnham ने अपनी बात से थोड़ा पीछे हटते हुए, SNP प्रमुख John Swinney को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल के लिए Scottish independence referendum "off limits" (सीमा से बाहर) है। उन्होंने तर्क दिया कि "Scotland में independence referendum को लेकर कोई स्पष्ट सहमति नहीं है, और न ही यह मानने का कोई स्पष्ट आधार है कि उत्तर में बहुसंख्यक लोग इसके पक्ष में हैं।"
🔴 Cardiff Summit — 14 सितंबर 2026 को वास्तव में क्या हुआ
| Key Facts | विवरण |
|---|---|
| तारीख | 14 सितंबर 2026, सोमवार |
| जगह | Cardiff, Wales |
| मौजूद नेता | John Swinney (SNP), Rhun ap Iorwerth (Plaid Cymru), Michelle O'Neill और Mary Lou McDonald (Sinn Féin) |
| क्या हस्ताक्षरित हुआ | एक Memorandum of Understanding (MoU) — संयुक्त घोषणापत्र |
| घोषणापत्र में क्या शामिल | Economy (अर्थव्यवस्था), Energy (ऊर्जा), Europe (यूरोप से रिश्ते), Internal Cooperation (आपसी सहयोग), और Self-Determination (आत्मनिर्णय का अधिकार) |
| मुख्य मांग | प्रत्येक क्षेत्र को आत्मनिर्णय का अधिकार (right to self-determination) और स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह कराने की अनुमति |
| UK सरकार से मांग | "प्रत्येक अधिकार-क्षेत्र (jurisdiction) में संवैधानिक बदलाव की तैयारी, योजना और सुविधा प्रदान करना" |
सबसे चौंकाने वाला हिस्सा — European Union में वापसी की योजना
इस घोषणापत्र का शायद सबसे महत्वाकांक्षी हिस्सा है — तीनों पार्टियां यह तर्क देंगी कि उन्हें European Union में शामिल होने की अनुमति मिलनी चाहिए।
- Scotland और Wales — नए, स्वतंत्र सदस्यों के रूप में EU join करेंगे
- Northern Ireland — Republic of Ireland के हिस्से के रूप में शामिल होगा (यानी सीधे तौर पर Irish reunification के ज़रिए)
यह दिखाता है कि यह पूरा आंदोलन सिर्फ "England से अलग होना" नहीं है — बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा 2016 के Brexit referendum के फैसले को उलटने की कोशिश भी है।
🔴 Brexit — इस पूरे संकट की असली जड़
यह समझना बेहद ज़रूरी है कि इस पूरे आंदोलन के पीछे सबसे बड़ी वजह 2016 का Brexit जनमत संग्रह है — जब पूरे UK ने European Union छोड़ने के लिए वोट दिया था, लेकिन Scotland और Northern Ireland ने इसके खिलाफ वोट दिया था।
| 2026 YouGov Survey — "क्या UK का EU छोड़ना गलत था?" | "हां, गलत था" कहने वालों का प्रतिशत |
|---|---|
| Scotland | 75% |
| Wales | 61% |
| England | 56% |
Scotland में 60% से ज़्यादा लोगों ने EU में बने रहने के पक्ष में वोट दिया था, जबकि पूरे UK में सिर्फ 48% लोगों ने ऐसा किया था — यह दिखाता है कि Scotland की राजनीतिक प्राथमिकताएं बाकी UK से काफी अलग रही हैं। कई Scottish राष्ट्रवादियों के लिए, Brexit ने देश की संवैधानिक स्थिति पर फिर से विचार करने का एक बड़ा तर्क (argument) दे दिया — "अगर हमारी राजनीतिक प्राथमिकताएं बार-बार पूरे UK से अलग रहती हैं, तो क्या हमें अपनी दिशा खुद तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए?" — यही सवाल आधुनिक Scottish independence बहस के केंद्र में है।
🔴 सबसे बड़ी कानूनी बाधा — 2022 का Supreme Court फैसला
यहां एक बेहद महत्वपूर्ण गलतफहमी को दूर करना ज़रूरी है — कई लोग मानते हैं कि Scottish Parliament जब चाहे, अपने आप एक independence referendum करा सकती है। यह पूरी तरह गलत है।
2022 में, UK Supreme Court ने स्पष्ट फैसला दिया कि Scottish Parliament के पास एकतरफा (unilaterally) तरीके से independence referendum के लिए कानून बनाने का अधिकार नहीं है। इसका मतलब है कि एक कानूनी रूप से मान्य (legally recognized) referendum के लिए, Westminster (यानी UK की केंद्रीय संसद) की भागीदारी वाली एक संवैधानिक प्रक्रिया ज़रूरी है। यही वह सबसे बड़ी बाधा है जिसका सामना Scottish independence आंदोलन कर रहा है — चाहे कितनी भी राजनीतिक इच्छाशक्ति क्यों न हो, बिना Westminster की सहमति के, कोई भी referendum कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा।
यही वजह है कि तीनों नेताओं की पूरी रणनीति — कानूनी लड़ाई लड़ने के बजाय — Andy Burnham और उनकी सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने पर केंद्रित है, ताकि वह खुद Westminster में इसके लिए ज़रूरी कानूनी रास्ता खोलें।
🔴 Conservative Party का तीखा जवाब
विपक्षी Conservative Party ने इस पूरी Cardiff summit को "separatist summit" (अलगाववादी सम्मेलन) करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। Shadow Scottish Secretary Harriet Cross ने कहा — "Andy Burnham के भोले और गलत बयानों को राष्ट्रवादी नेताओं ने पूरे UK में लपक लिया है, और इससे उन्हें UK तोड़ने की साज़िश के लिए नया गोला-बारूद मिल गया है।"
उन्होंने आगे एक बेहद भावुक, ऐतिहासिक संदर्भ (historical reference) का इस्तेमाल किया — "John Swinney का Sinn Féin के नेता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बैठना दिखाता है कि वे अपने आजीवन सपने — स्वतंत्रता — को पाने के लिए कितनी दूर जाने को तैयार हैं। यह एक ऐसा दृश्य है जो कई Scots को गुस्सा दिलाएगा, जिन्हें 'The Troubles' (उत्तरी आयरलैंड का हिंसक संघर्ष-काल) अभी भी याद है।"
यह टिप्पणी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह Northern Ireland के अतीत में हुई भीषण हिंसा (The Troubles) की तरफ इशारा करती है, जिसमें दशकों तक हज़ारों लोग मारे गए थे — Sinn Féin का ऐतिहासिक रूप से इस संघर्ष से जुड़ाव रहा है, इसलिए उनके साथ मंच साझा करना Conservative Party के लिए एक आसान निशाना बन गया।
एक ज़रूरी अंतर — राजनीतिक Momentum बनाम असली Referendum
एक ईमानदार विश्लेषण के लिए, यह समझना बेहद ज़रूरी है कि राजनीतिक momentum (गति) और असली, कानूनी रूप से मान्य independence referendum — यह दोनों बिल्कुल अलग चीज़ें हैं।
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| 2014 का पहला Scottish Referendum | Scotland ने 55% से 45% के अंतर से स्वतंत्रता को अस्वीकार किया था — यह वोट "एक पीढ़ी में एक बार" (once in a generation) होने वाला माना गया था |
| Wales की स्थिति अलग है | दशकों तक Welsh independence, Scottish independence से कहीं कम लोकप्रिय रही है। Senedd Research Service के अनुसार, Wales की devolution व्यवस्था करीब 27 सालों में धीरे-धीरे विकसित हुई है, लेकिन पूर्ण स्वतंत्रता को लेकर बुनियादी सवाल अभी भी अनसुलझे हैं |
| Plaid Cymru की स्थिति मज़बूत हुई | Wales की राजनीतिक स्थितियों में बदलाव ने इस मुद्दे को ज़्यादा दृश्यता (visibility) दी है, लेकिन बहस अब सिर्फ पूर्ण स्वतंत्रता तक सीमित नहीं, बल्कि इससे आगे भी फैल चुकी है |
| अक्टूबर 2026 में एक और Summit | प्रधानमंत्री कार्यालय ने पहले ही घोषणा की है कि Burnham, Scotland, Wales, और Northern Ireland के साथ अक्टूबर में एक Summit करेंगे — यानी यह मुद्दा तुरंत ठंडा नहीं पड़ने वाला |
यानी — इस समय जो कुछ हो रहा है, वह एक राजनीतिक दबाव-निर्माण की रणनीति (pressure-building strategy) है, न कि किसी तुरंत होने वाले, कानूनी रूप से बाध्यकारी referendum की घोषणा। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह राजनीतिक दबाव, Westminster को अंततः एक कानूनी रास्ता खोलने के लिए मजबूर कर पाता है — जैसा 2014 में हुआ था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री David Cameron ने Scottish Parliament को एक कानूनी रूप से मान्य referendum कराने की अनुमति दी थी (जिसे "Edinburgh Agreement" कहा गया)।
क्यों यह "टूटना" इतना जटिल है — हर क्षेत्र की अपनी अलग कहानी
Scotland — सबसे मज़बूत, सबसे स्थापित मामला
Scotland का independence movement सबसे पुराना और सबसे संगठित है। SNP दशकों से सत्ता में रहते हुए इस मुद्दे को आगे बढ़ाती रही है, और 2014 का referendum — भले ही हारा गया — एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर चुका है कि Westminster की सहमति से एक कानूनी रूप से मान्य referendum हो सकता है।
Wales — नया, लेकिन तेज़ी से बढ़ता आंदोलन
Wales का मामला सबसे नया है। Plaid Cymru की ऐतिहासिक जीत ने Rhun ap Iorwerth को devolution के बाद Wales के पहले non-Labour First Minister के रूप में स्थापित किया — यह अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव है, जो दिखाता है कि Welsh राजनीति में भी अब स्वतंत्रता की बात मुख्यधारा में आ चुकी है।
Northern Ireland — सबसे जटिल, सबसे संवेदनशील मामला
Northern Ireland का मामला सबसे जटिल है, क्योंकि इसमें सिर्फ "UK से अलग होना" नहीं, बल्कि Republic of Ireland के साथ फिर से जुड़ना (reunification) शामिल है। यह सीधे तौर पर "The Troubles" के दशकों पुराने, खूनी संघर्ष से जुड़ा हुआ है, जहां Catholic-nationalist (जो Ireland से जुड़ना चाहते थे) और Protestant-unionist (जो UK का हिस्सा बने रहना चाहते थे) समुदायों के बीच हिंसक टकराव हुआ था। Sinn Féin की सत्ता में मौजूदगी, और अब Cardiff summit में उनकी भागीदारी, इस पुराने घाव को फिर से चर्चा में ले आई है।
वैश्विक महत्व — क्यों यह सिर्फ ब्रिटेन का मामला नहीं
अगर UK वाकई टूटता है, तो इसका असर सिर्फ ब्रिटिश द्वीपों तक सीमित नहीं रहेगा:
- UN Security Council — UK एक स्थायी सदस्य है; अगर देश टूटता है, तो यह सीट किसे मिलेगी, यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कानूनी सवाल बन जाएगा
- NATO और वैश्विक सुरक्षा ढांचा — Scotland में UK के परमाणु हथियार (Trident submarines) रखे गए हैं; independence की स्थिति में इनका क्या होगा, यह एक बड़ी रणनीतिक चुनौती होगी
- यूरोपीय भू-राजनीति — अगर Scotland और Wales अलग से EU join करते हैं, तो यह यूरोपीय संघ के विस्तार (enlargement) की पूरी प्रक्रिया को एक नई दिशा देगा
- वैश्विक आर्थिक बाज़ार — Pound Sterling, London का वित्तीय केंद्र (financial hub) होना, और व्यापार समझौते — यह सब कुछ इस टूटने से प्रभावित होगा
एक ईमानदार, संतुलित निष्कर्ष — क्या यह वाकई हो रहा है, या सिर्फ राजनीतिक दबाव है
एक निष्पक्ष विश्लेषण के लिए यह मानना ज़रूरी है कि "UK टूट रहा है" कहना अभी भी एक बड़ा अतिशयोक्ति (exaggeration) हो सकता है, लेकिन यह इनकार करना भी गलत होगा कि इस दिशा में एक गंभीर, अभूतपूर्व राजनीतिक गति (momentum) बन चुकी है।
पहली बार, तीनों devolved क्षेत्रों में एक साथ pro-independence सरकारें हैं। पहली बार, इन तीनों ने मिलकर एक साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। और खुद प्रधानमंत्री — भले ही बाद में अपनी बात से पीछे हटे हों — शुरुआत में यह संकेत दे चुके हैं कि referendum की संभावना पूरी तरह बंद नहीं है। साथ ही, अमेरिका जैसे बड़े वैश्विक खिलाड़ी भी (Trump के ज़रिए) इस बहस में रुचि दिखा रहे हैं।
लेकिन साथ ही, 2022 के Supreme Court फैसले जैसी बड़ी कानूनी बाधाएं अभी भी मौजूद हैं, और सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति से एक कानूनी रूप से मान्य referendum नहीं हो सकता। Burnham खुद कह चुके हैं कि फिलहाल इसके लिए कोई "clear consensus" नहीं है। यानी असली सवाल यह नहीं है कि "क्या UK टूटेगा" — असली सवाल यह है कि "क्या यह राजनीतिक दबाव अगले कुछ सालों में इतना बढ़ जाएगा कि Westminster को फिर से 2014 जैसा एक कानूनी रास्ता खोलना पड़े।"
निष्कर्ष — 314 साल पुराने संघ की सबसे बड़ी परीक्षा
1707 में जब England और Scotland ने मिलकर Great Britain बनाया था, तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि 314 साल बाद, इसी संघ के तीन हिस्से — Scotland, Wales, और Northern Ireland — एक साथ मिलकर, एक ही मंच से, इसे तोड़ने की मांग करेंगे। Brexit ने वह दरार पैदा की जो दशकों से दबी हुई थी, और Labour Party के अंदरूनी संकट ने उस दरार को और चौड़ा करने का मौका दे दिया।
Andy Burnham — जो सिर्फ दो महीने पहले प्रधानमंत्री बने हैं — अब खुद को इतिहास के एक ऐसे मोड़ पर पाते हैं, जहां उनका हर बयान, हर फैसला, इस बात को तय कर सकता है कि क्या वे वाकई "United Kingdom के आखिरी प्रधानमंत्री" साबित होंगे, जैसा John Swinney ने भविष्यवाणी की है — या फिर यह पूरा आंदोलन, 2014 की तरह, एक बार फिर राजनीतिक दबाव तक सीमित रह जाएगा, बिना किसी वास्तविक संवैधानिक बदलाव के।
अक्टूबर 2026 में होने वाली अगली Summit, इस पूरी कहानी का अगला बड़ा अध्याय होगी — और तब तक, यह सवाल दुनियाभर के राजनीतिक विश्लेषकों के लिए सबसे दिलचस्प बहसों में से एक बना रहेगा।
आप क्या सोचते हैं — क्या United Kingdom वाकई अगले कुछ सालों में टूट जाएगा, या यह सिर्फ एक राजनीतिक दबाव-रणनीति है जो अंततः बेनतीजा रह जाएगी? नीचे टिप्पणी में ज़रूर बताएं।
➡ BRICS Summit 2026 का समापन — भारत को क्या मिला, पूरी कहानी
➡ India-China-Russia-US Geopolitics 2026 — भारत की भूमिका
स्रोत / Sources:
1. RTÉ News — "Burnham will be last Prime Minister of UK, says Swinney", September 14, 2026
2. The Jerusalem Post — "Scotland, Wales, Northern Ireland to demand UK allow independence referendum", September 14, 2026
3. India TV News — "UK heading for a breakup? Scotland, Wales, Northern Ireland leaders to meet over independence referendums", September 13, 2026
4. EADaily — "Britain faces collapse: Scotland, Wales and Northern Ireland demand independence", September 13, 2026
5. Globarex — "Is the United Kingdom Heading Toward a Breakup? Scotland, Wales and Northern Ireland's Independence Push", September 2026
6. VINnews — "Scots, Irish And Welsh To Demand Right To Independence From UK", September 13, 2026
7. Wikipedia — "2026 Labour Party leadership crisis"
8. Wikipedia — "Andy Burnham"
9. Wikipedia — "2026 Makerfield by-election"
10. Wikipedia — "Next United Kingdom general election"
11. YouGov — "2026 analysis on Brexit sentiment", cited via Globarex report
12. UK Supreme Court — 2022 judgment on Scottish independence referendum legislative competence

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